निर्मल बाबा पर लगे टेक्स चोरी के आरोप
अजीबोगरीब तरीके से लोगों की परेशानियों को दूर करने का दावा करने वाले धर्मयोगी निर्मल बाबा की मुश्किलें लगातार बढती ही जा रही हैं. छठी इंद्री को लेकर सुर्खियों में आए निर्मल बाबा की कमाई पर अब सवाल उठने लगे हैं. सालाना अरबों रूपए की धनराशी कमाने वाले निर्मल बाबा पर अब टेक्स चोरी के आरोप लगे हैं. यही वजह है कि इतना पैसा कमाने के बावजूद भी उनके पास टेक्स का कोई लेखा झोखा सार्वजनिक नहीं है.
निर्मल बाबा के कृपा के कारोबार पर अब गंभीर आरोप लग रहे हैं. शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने भी कहा है कि पैसे लेकर कृपा का कारोबार करना गलत है. उनके खिलाफ जहां एक के बाद एक शिकायतें दर्ज हो रही हैं, वहीं अब उन्हें खुले आम चुनौती भी दी गई है. उन पर पैसे देकर लोगों से अपना महिमा मंडन कराने वाले बयान दिलवाने के आरोप भी लग रहे हैं. ऐसे में निर्मल बाबा के कृपा के कारोबार का अब क्या होगा ये सवाल ज्यों का त्यों बना ही हुआ है, साथ ही और नए नए खुलासे सामने आ रहे हैं.
लखनऊ के दो बच्चों की कोर्ट जाने की बात, कहा पुलिस एफआईआर दर्ज करे निर्मल बाबा के खिलाफ
पिछले कई दिनों से अपने अजीबोगरीब कृपा के कारोबार को लेकर सुर्ख़ियों में आये निर्मल बाबा के खिलाफ बच्चों ने भी मोर्चा खोल दिया है. लखनऊ के दो बच्चों ने बाबा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. इस दोनों बच्चों का कहना है कि यदि पुलिस निर्मल बाबा के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करेगी तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.
लखनऊ और रायपुर में बाबा के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई जा चुकी है. रायपुर के डीडी नगर थाने में दर्ज शिकायत में टीवी चैनलों में दिखाए जा रहे 'थर्ड आई निर्मल बाबा' कार्यक्रम में लोगों की समस्याओं का समाधान करने का दावा करने वाले निर्मल बाबा पर पाखंडी होने का आरोप लगाया गया है. इसमें कहा गया है कि बाबा लोगों को अनर्गल उपाय बतलाकर उनके साथ धोखाधड़ी करके फीस के रूप में मोटी रकम वसूलते हैं। बाबा के बताए उपाय खोखले और भोलेभाले लोगों को गुमराह करने वाले हैं. शिकायत दर्ज करवाने वाले का नाम योगेन्द्र शंकर शुक्ला बताया जा रहा है, जो कि रविशंकर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ के अध्यक्ष हैं.
निर्मल बाबा लोगों की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचा रहे हैं: योगेन्द्र शंकर शुक्ला
रविशंकर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष योगेन्द्र शंकर शुक्ला ने रायपुर के डीडी नगर थाने में दर्ज शिकायत में टीवी चैनलों में दिखाए जा रहे 'थर्ड आई निर्मल बाबा' कार्यक्रम में लोगों की समस्याओं का समाधान करने का दावा करने वाले निर्मल बाबा पर पाखंडी होने का आरोप लगाया है.
विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शुक्ला ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि," चैनलों में निर्मल बाबा को ईश्वर का अवतार व दुखों का हरण करने वाले बाबा के रूप में प्रचारित किया जा रहा है. वे लोगों को बताते हैं कि समस्याएं सुलझाने के लिए भजिया, समोसा खाएं या महंगे जूते पहने, महंगा पर्स जेब में रखें या नोटों की गड्डी तिजोरी में रखें. घर में शिवलिंग न रखें. ऐसे ही अनेक उपाय पूर्ण रूप से खोखले हैं और इनसे समस्या का समाधान नहीं होता बल्कि लोगों में अंधविश्वास जैसी भावना पनपती है. उन्होंने कहा कि शिवलिंग को घर में न रखने की सलाह से उनकी धार्मिक भावना को ठेस पहुंची है. वे बरसों से शंकर के भक्त हैं और उनके जैसे अनेक लोग आहत हुए हैं.
योगेन्द्र शुक्ला ने निर्मल बाबा के सभी उपायों को बेबुनियाद और ईश्वरीय शक्ति से परे बताया है. लखनऊ के गोमती नगर थाने में भी बाबा के खिलाफ ऐसी ही शिकायत दर्ज हुई है. इस शिकायत में कहा gya है कि बाबा लोगों में अंधविश्वास को बाधा रहे है और लोगों की भावनाओं और उनके धार्मिक विचारों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं.
दूसरी तरफ कई टीवी सीरियल में काम कर चुकी जूनियर आर्टिस्ट निधि ने मीडिया में खबर दी है कि निर्मल बाबा प्रारंभिक दिनों में ठगी का धंधा चमकाने के लिए ठग नोएडा की फिल्म सिटी स्थित एक स्टूडियो में अपने प्रोग्राम की शूटिंग करवाते थे. उसमें बाबा के सामने जो लोग अपनी समस्या हल होने का दावा करते थे, वे लोग असली न होकर जूनियर आर्टिस्ट हुआ करते थे. निधि ने बताया कि उन जूनियर आर्टिस्टों की लिस्ट में उसका भी नाम था.
इस जूनियर आर्टिस्ट के हवाले से मीडिया में आई खबर ने निर्मल बाबा को एक बड़े संकट में डाल दिया है. निधि का कहना है कि निर्मल बाबा सवाल पूछने के लिये उसे 10 हजार रुपये देते थे और वे ऐसा काम और भी कई लोगों से पैसे देकर करवाते हैं.
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने निर्मल बाबा को दिया 15 लाख रु इनाम का प्रस्ताव
छठी इंद्री को लेकर प्रसिद्द होने वाले निर्मल बाबा पर लगातार उँगलियाँ उठ रही है. उनके खिलाफ कही पुलिस थानों में शिकायत दर्ज हुई हैं तो कहीं बच्चे उनके खिलाफ कोर्ट में जाने की बात कह रहे हैं. ऐसे में निर्मल बाबा पर अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के इस आरोप ने बाबा को और अधिक परेशानी में डाल दिया है. समिति ने बाबा पर दैवीय शक्तियों का दावा कर लोगों का शोषण करने का आरोप लगाया है.
समिति के कार्याध्यक्ष उमेश चौबे व हरीश देशमुख ने अपने बयान में बाबा पर आरोप लगाते हुए कहा कि," निर्मल बाबा का दैविक शक्ति का दावा खोखला, निराधार व धार्मिक प्रवृत्ति के कट्टरपंथी लोगों के लिए मानसिक रूप से गुमराह करने वाला है. उन्होंने आरोप लगाया कि टीवी चैनलों पर नकली भक्तों को पेश कर बाबा अपनी वाहवाही कराते हैं. समिति ने टीवी चैनलों पर चल रहे इन विज्ञापनों पर पाबंदी लगाने की मांग केंद्र सरकार से की है. उन्होंने कहा कि यदि बाबा के पास वास्तव में चमत्कारिक शक्तियां हैं, तो वह अपनी शक्तियों के बल पर एक पापड़ भी तोड़ कर दिखा दें तो समिति उन्हें 15 लाख रु. इनाम देगी.
रायपुर के डीडी नगर थाने में दर्ज शिकायत में टीवी चैनलों में दिखाए जा रहे 'थर्ड आई निर्मल बाबा' कार्यक्रम में लोगों की समस्याओं का समाधान करने का दावा करने वाले निर्मल बाबा को पाखंडी बताया है. शिकायत में बताया गया है कि बाबा लोगों को अजीबोगरीब उपाय बतलाकर भोले भाले लोगों से धोखाधड़ी से फीस के रूप में मोटी रकम वसूलते हैं.
इन्टरनेट की दुनिया के भी बेताज बादशाह हैं निर्मल बाबा
अपनी छठी इंद्री को लेकर चर्चा में आये निर्मल बाबा आज दुनिया के किसी भी कोने में परिचय के मोहताज नहीं हैं. इसका एक जीता जागता उदाहरण हैं कि इन्टरनेट पर भी निर्मल बाबा सबसे अधिक सर्च होने वाले नामों की लिस्ट में आता है. इन्टरनेट की कई सोशल वेबसाइट्स पर बाबा चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. लेकिन यह चर्चा और भी अधिक गर्म हो चुकी है क्योंकि उनके बारे में कोई भी जानकारी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं है. इंटरनेट या मीडिया में भी उनके बारे में ज्यादा कुछ नहीं छपा है, लेकिन उनकी चर्चा जबरदस्त है.
गूगल पर अंग्रेजी में निर्मल बाबा टाइप करने पर आधे मिनट में करीब 29 लाख सर्च रिजल्ट्स सामने आते हैं. लेकिन गूगल न्यूज में यही टाइप करने पर मात्र आठ सर्च रिजल्ट्स ही दिखाई देते हैं, और, इन आठ में से एक में भी निर्मल बाबा के बारे में कोई खबर नहीं होती है.
वहीँ सोशल साइट्स पर भी निर्मल बाबा टॉप पर हैं लेकिन हैरानी वाली बात यह है कि यहाँ भी उनके बारे में कोई सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है. यहाँ भी केवल व्यावसायिक जानकारियां ही साझा की गई हैं. फेसबुक पर निर्मल बाबा के प्रशंसकों का पेज है, जिसे करीब 318100 लोग पसंद करते हैं. इस पेज पर निर्मल बाबा के टीवी कार्यक्रमों का समय और उनकी तारीफ से जुड़ी टिप्पणियां हैं.
सबसे अधिक हैरान करने वाली बात है कि निर्मल बाबा के जीवन या उनकी पृष्ठभूमि के बारे में उनकी आधिकारिक वेबसाइट निर्मलबाबा. कॉम पर कोई जानकारी नहीं दी गई है. इस वेबसाइट पर भी केवल उनके कार्यक्रमों, उनके समागम में हिस्सा लेने के तरीकों के बारे में बताया गया है और उनसे जुड़ी प्रचार प्रसार की सामग्री उपलब्ध है.
टीवी और इंटरनेट के जरिए निर्मल बाबा पूरे भारत ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों में भी रोज लोगों तक पहुंचते हैं. निर्मल बाबा के समागम का प्रसारण देश-विदेश के तकरीबन 39 टीवी चैनलों पर सुबह से लेकर शाम तक रोजाना करीब 25 घंटे का प्रसारण अलग-अलग समय पर किया जा रहा है.
निर्मलबाबा.नेट वेबसाइट का दावा, दैवीय मनुष्य हैं निर्मल बाबा
पिछले कई दिनों से मीडिया के सवालों और कई तरह के आरोपों से घिरे निर्मल बाबा के बारे में जहाँ किसी भी वेबसाईट पर किसी भी प्रकार की सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, वहीँ निर्मलबाबा.नेट वेबसाईट पर बाबा के बारे में कई दावे किये गए हैं. हालांकि, निर्मलबाबा.कॉम में बताया गया है कि निर्मलबाबा.नेट.इन एक फर्जी वेबसाइट है.
निर्मलबाबा.नेट.इन वेबसाइट के मुताबिक निर्मल बाबा आध्यात्मिक गुरु हैं और भारत में वे किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. इस वेबसाइट पर उन्हें दैवीय मनुष्य बताया गया है. उनकी शान में कसीदे गढ़ते हुए बताया गया है कि किसी भी इंसान का सबसे बड़ा गुण 'देना' होता है और निर्मल बाबा लंबे समय से लोगों को खुशियां दे रहे हैं.
यह वेबसाईट दावा करती है कि निर्मल बाबा के पास छठी इंद्रिय (सिक्स्थ सेंस) है. कई लोग मानते हैं कि रहस्यमयी छठी इंद्रिय विकसित होने से मनुष्य को भविष्य में होने वाली घटना के बारे में पहले से ही पता चल जाता है. इस साईट के के मुताबिक निर्मल बाबा की छठी इंद्रिय विकसित है. शायद इसलिए उनके समागम का शीर्षक ही 'थर्ड आई ऑफ निर्मल बाबा' होता है.
इस वेबसाईट पर निर्मल बाबा के जीवन या उनकी पृष्ठभूमि के बारे में भी काफी जानकारी उपलब्ध है. साईट के अनुसार , "निर्मल बाबा नई दिल्ली में रहने वाले आध्यात्मिक गुरु हैं. वे 10 साल पहले साधारण व्यक्ति थे. लेकिन बाद में उन्होंने ईश्वर के प्रति समर्पण से अपने भीतर अद्वितीय शक्तियों का विकास किया. ध्यान के बल पर वह ट्रांस (भौतिक संसार से परे किसी और दुनिया में) में चले जाते हैं. ऐसा करने पर वह ईश्वर से मार्गदर्शन ग्रहण करते हैं, जिससे उन्हें लोगों के दुख दूर करने में मदद मिलती है.
निर्मल बाबा के पास मुश्किलों का इलाज करने की शक्ति है. वे किसी भी मनुष्य के बारे में टेलीफोन पर बात करके पूरी जानकारी दे सकते हैं. यहां तक कि सिर्फ फोन पर बात करके वह किसी भी व्यक्ति की आलमारी में क्या रखा है, बता सकते हैं. उनकी रहस्मय शक्ति ने कई लोगों को कष्ट से मुक्ति दिलाई है."
निर्मल बाबा के बारे में उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए नंबरों ने भी एक नई कड़ी जोड़ दी है. इस वेबसाईट पर दिए गए नम्बरों को मिलाने पर ये नम्बर हमेशा व्यस्त ही रहते हैं.
फेसबुक के अमिताभ बच्चन हैं निर्मल बाबा
अमिताभ बच्चन, एक ऐसी शख्सियत जो परिचय के मोहताज नहीं हैं. फिल्म जगत हो या दुनिया का कोई भी कोना, बिग बी के फेंस की तादाद अनगिनत है. बिग बी की तरह चाहने वालों की सूची में आजकल एक नाम और है जो सोशल साइट्स पर बहुत लोकप्रिय है. यह नाम है अपने अजीबोगरीब उपायों से हर समस्या का चुटकी में हल बता कर लाखों भक्त बनाने वाले निर्मल बाबा का.
निर्मल बाबा फेसबुक जैसी सोशल साईट का अपने कृपा के कार्यक्रमों के प्रचार के लिए सबसे अधिक इस्तेमाल करते हैं. फेसबुक पर निर्मल बाबा के दो पेज हैं. जिसमें से एक पेज 23 जुलाई 2011 को शुरू किया गया था, लेकिन यह ज्यादा लोकप्रिय नहीं रहा और न ही ज्यादा लोग इस पेज के साथ जुड़े. लेकिन अब इस पेज से एक लाख 13 हजार से ज्यादा लोग जुड़े हैं. इस पेज पर सितंबर 2011 के बाद से कोई अपडेट नहीं किया गया है लेकिन फिर भी अप्रैल में इससे 11747 नए लोग जुड़े जबकि मार्च में 27773 लोग इस पेज से जुड़े. सितंबर के बाद सिर्फ 24 मार्च को इस पेज पर एक पोस्ट हुआ जिसमें लोगों को उनके नए पेज 'निर्मलबाबाजी' से जुड़ने की जानकारी दी गई.
दूसरी तरफ निर्मल बाबा का एक सक्रीय पेज है जो 5 नवंबर 2010 को शुरु हुआ था जिससे अब तक कुल 3 लाख 53 हजार से भी अधिक लोग जुड़ चुके हैं. निर्मल बाबा के चमत्कारों को लेकर इस पेज पर गंभीर बहस हो रही है. इस पेज पर अंतिम पोस्ट 6 अप्रैल 2012 को किया गया था जिसमें भक्तों को पूर्णमासी कार्यक्रम के समाप्त किए जाने की जानकारी दी गई है.
इस पेज पर दी गयी अंतिम पोस्ट का आंकड़ा काफी चौंकाने वाला है. इस पोस्ट को जहां 17 हजार से ज्यादा लोगों ने लाइक किया वहीं 421 ने शेयर किया. अकेले इस पोस्ट पर ही लगभग 18 हजार टिप्पणियां की गई हैं जिनमें से अधिकतर में बाबा की आलोचना है और उनके तौर-तरीकों पर प्रश्न खड़े किए गए हैं.
लखनऊ, रायपुर, भोपाल और फतेहपुर में निर्मल बाबा के खिलाफ शिकायत दर्ज
अपने अजीबोगरीब उपायों से हर समस्या का चुटकी में हल बता कर लाखोंभक्तों को अपना मुरीद बनाने वाले निर्मलजीत सिंह नरूला उर्फ़ निर्मल बाबा के खिलाफ शिकायतों का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है. करीब तीन दर्जन टीवी चैनलों पर रोज विज्ञापन दिखवा कर घर-घर में चर्चा का विषय बन चुके निर्मल बाबा पर 'कृपा का कारोबार' करने का आरोप लग रहा है. अब उनकी निजी जिंदगी के बारे में भी अब खुलकर सवाल किए जा रहे हैं.
छठी इंद्री होने का दावा करने वाले निर्मल बाबा पर चार अलग-अलग शहरों-लखनऊ, रायपुर, भोपाल और फतेहपुर में शिकायत दर्ज की गई है. लखनऊ में तो दो बच्चों ने निर्मल बाबा के खिलाफ शिकायत की मांग करते हुए ये कहा है कि अगर पुलिस ने निर्मल बाबा के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.
इंटरनेट सर्च को लेकर रिसर्च करने से यह बात साफ हो गई है कि निर्मल बाबा में लोगों की रुचि अचानक काफी बढ़ गई है. लेकिन खास बात यह है कि बाबा का तिलिस्म टूटता दिख रहा है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों में इंटरनेट पर लोग 'फ्रॉड निर्मल बाबा' को सबसे ज्यादा सर्च कर रहे हैं. हालांकि लगता है कि बाबा 'साइबर युद्ध' के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं और 'फौज' खड़ी कर सोशल साइट्स के जरिए माहौल अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं.
आईपीएल 5: कोलकाता नाइट राइडर्स ने राजस्थान रोयल्स पर हासिल की फ़तेह
साउथ अफ्रीका की टीम के संकटमोचन कहे जाने वाले व आईपीएल में कोलकाता टीम के सबसे दमदार बल्लेबाज़ जैक कैलिस (31 रन) की बेहतरीन बल्लेबाजी और शाकिब अल हसन (17 रन देकर 3 विकेट) की घातक गेंदबाजी के दम पर कोलकाता नाइट राइडर्स ने आईपीएल-5 में दूसरी फ़तेह हासिल कर ली. इस मैच में कोलकाता ने राजस्थान की टीम को 5 विकेट से शिकस्त दे दी.
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान की टीम 20 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 131 रन बनाये. ओवेस शाह ने अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हुए सर्वाधिक 31 रन बनाए.
132 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए कोलकाता की टीम ने 19.2 ओवेरों में अपना लक्ष्य हासिल कर लिया. क कैलिस ने सर्वाधिक 31 रन बनाए. इस जीत के साथ ही कोलकाता नाइट राइडर्स आईपीएल के इस पांचवें सत्र के चौथे स्थान पर पहुँच गई. शाकिब अल हसन में ऑफ़ द मैच बने.
आईपीएल-5 के 15वें मुकाबले में आज यहां ईडन गार्डन स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स की भिडंत मेजबान कोलकाता नाइट राइडर्स से थी. टॉस जीतकर राजस्थान रॉयल्स ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है. गौरतलब है कि आईपीएल के इस सत्र में कोलकाता नाइट राइडर्स को पिछले मैच में राजस्थान रॉयल्ससे हार नसीब हुई थी. इसी का बदला लेने उतरी गंभीर की कोलकाता टीम ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए आज का मैच अपने नाम कर लिया. कोलकाता की यह दूसरी जीत है. कोलकाता की ओर से शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए शाकिब अल हसन ने 17 रन देकर 3 विकेट चटकाए.
आईपीएल-5 के 15वें मुकाबले में कोलकोता नाइट राइडर्स को 132 रन का लक्ष्य हासिल करना था. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी राजस्थान रॉयल्स ने 20 ओवरों में 5 विकेट गंवाकर 131 रन बनाए. ओवेस शाह ने सर्वाधिक 31 रन और कप्तान राहुल द्रविड़ ने 28 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, लेकिन कप्तान इस मैच को जीत में नहीं बदल पाए.
पुलिस ने गिनवाए बलात्कार होने के 6 मुख्य कारण
हाल ही में बलात्कार और उससे पीड़ित महिलाओं को लेकर पुलिस के रवैये को जानने के लिए तहलका ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया, जिसके बाद इस बात का खुलासा हो गया है कि पुलिस बलात्कार जैसे बढ़ते मामलों के लिए किस बात को मुख्य टूर पर जिम्मेदार ठहराती है. इसके लिए पुलिस ने 6 अजीबोगरीब कारण बताये हैं. आइये डालते हैं पुलिस द्वारा बताये गए इन कारणों पर एक नज़र:
कारण १: अपने पहले कारण में पुलिस ने महिलाओं के साडी या सलवार-कमीज न पहनने को बलात्कार की मुख्य वजह बताया है. फरीदाबाद के सेक्टर 31 थाने के एएसएचओ सतबीर सिंह ने स्टिंग ऑपरेशन में कहा, "लड़कियों को यहां से यहां तक (पूरे शरीर को) ढंकना चाहिए...वे स्कर्ट पहनती हैं, ब्लाउज पहनती हैं, लेकिन पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े नहीं पहनती हैं और दुपट्टा नहीं डालती हैं. अपना दिखावा करती हैं तो बच्चा उसकी तरफ आकर्षित होता है."
तहलका के इस स्टिंग ऑपरेशन के अनुसार सूरजपुर थाने के इंचार्ज अर्जुन सिंह कहा, "वह इस तरह से कपड़े पहनती हैं कि लोग उसकी तरफ आकर्षित हो जाते हैं. मेरा तो यहां तक मानना है कि महिलाएं इसीलिए ऐसा करती हैं कि लोग उनके साथ कुछ करें."
कारण २: लड़की को किसी लड़के के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने से पहले लाख बार सोचना चाहिए. अगर कोई लड़की किसी एक लड़के के साथ शारीरिक संबंध बनाती है तो उसके साथ लड़के के अलावा उसके दोस्त भी रेप कर सकते हैं. गाजियाबाद जिले के इंदिरापुरम थाने के इंचार्ज धरमवीर सिंह ने कहा, "ऐसा बहुत ही कम होता है कि किसी एक लड़की को 10 लड़के उठा लें. अगर कोई लड़की लड़कों से भरी कार में बैठती है तो वह निर्दोष नहीं हो सकती है. अगर वह ऐसा करती है तो उसका किसी न किसी लड़के के साथ रिश्ता है."
कारण ३: पुलिस ने लड़की का शराब पीने वाले लड़कों के साथ रहने पर भी सवाल खड़े किये हैं. पुलिस का मानना है कि शराब और मौका रेप के लिए जरूरी माहौल तैयार करते हैं और यही रेप की वजह होते हैं. गुड़गांव के सेक्टर 40 थाने के रूपलाल ने इस मामले में अपना तर्क रखा, "जैसे हम लोग बैठे हैं, ज़्यादा दारू पी ली....फिर तो ऐसा ही होगा. रात भर रख ली. वह इस बात का अपने घर वालों को क्या जवाब देगी. वह एक घंटे के लिए कहकर गई और पूरी रात ही बाहर रह गई।. तो मां-बाप तो पूछेंगे. भाई भी पूछेगा. जिनका समाज है, वे तो पूछते हैं"
कारण 4: लड़की की मां का चरित्र ठीक नहीं होना भी लड़कियों के साथ रेप के मुख्य कारणों की सूची में है. 10 वीं में पढ़ने वाली लड़की के साथ कुछ दिनों पहले नोएडा में हुए गैंग रेप मामले की जांच करने वाले पुलिस अधिकारी राम मलिक के मुताबिक, "लड़की की मां तलाकशुदा है. वह यादव समुदाय के एक पुरुष के साथ रह रही है. महिला की उम्र 48 जबकि पुरुष की उम्र 28 है. ऐसे में इस बात की पूरी आशंका है कि लड़कियां भटक सकती हैं"
कारण 5: पुलिस ऊंचे तबके की महिलाओं के कपडे पहनने के तरीके को भी गलत मानती है. पुलिस का कहना है कि इस वजह से वे मुसीबत को न्योता देती हैं. अपने इस स्टिंग ऑपरेशन के दौरान तहलका ने 30 पुलिस वालों से बात की. इनमें से 17 ने माना कि बलात्कार की 'वास्तविक' घटनाएं बहुत कम होती हैं. 70 फीसदी मामलों में सेक्स रजामंदी से होता है. लेकिन जब कोई ऐसा देख लेता है या पैसे की मांग पूरी नहीं होती है तो इसे रेप में तब्दील कर दिया जाता है. सेक्टर-24 थाने के सब इंस्पेक्टर मनोज रावत ने इस बारे में कहा, "एनसीआर में ज़्यादातर रेप के मामले आपसी रजामंदी से होते हैं. मेरी निजी राय में पूरे एनसीआर में एक या दो फीसदी ही वास्तविक रेप के केस होते हैं."
कारण 6: अपने अंतिम बताये गए कारण में पुलिस किसी महिला के साथरेप के बाद शिकायत दर्ज करवाने को भी गलत मानती है. पुलिस का यह भी कहना है कि जो महिला रेप की शिकायत लेकर थाने आती है, वह 'धंधे' में लिप्त होती है. नोएडा के सेक्टर 39 थाने के दरोगा योगेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि," 'उसके लिए (रेप से पीड़ित के लिए) आसान नहीं होता. बेइज़्ज़ती से सभी डरती हैं. अखबार बाजी से भी डरती हैं. असलियत में वही आती (रेप की शिकायत लेकर थाने) हैं जो धंधे में लिप्त होती हैं. ' दूसरे शब्दों में अगर आपके साथ वाकई रेप हुआ है तो आप कभी शिकायत नहीं करेंगी. लेकिन अगर आपने शिकायत कर दी तो पुलिस यह मानेगी ही नहीं कि आपके साथ रेप हुआ है."
अभिनेत्री तारा चौधरी ने
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